कितने लोग व सैनिक भरत के साथ थे?

 यह पोस्ट किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं है बल्कि शुद्ध हृदय से विवेचना करने की है। बाल्मीकि रामायण को पुरातन और प्रमाणिक माना जाता है कि महर्षि बाल्मीकि राम के समकालीन थे।

राजा दशरथ का दाह संस्कार करने के पश्चात भरत ने राम को वापिस लिवा लाने के लिए फैंसला किया। राम को वापिस लौटा लेने के लिए कितने आदमियों को जाना चाहिए था। अयोध्यावासी चाहे जितनी भी गिनती में हो। लेकिन कितने सैनिक जाने चाहिए थे? बाल्मीकि रामायण में जो लिखा है वह उचित नहीं जान पढ़ता। यही कारण है कि रास्ते में निषाद राज हुह, भारद्वाज व खुद लक्ष्मण भी खुद सोचने लगे कि भरत सैनिकों के साथ अपने भाइयों का वध करने आया है।
कितने लोग व सैनिक भरत के साथ थे?
बाल्मीकि रामायण के अनुसार सबसे पहले मंत्रीगण, फिर भरत का रथ, फिर महल कि रानियां और दूसरे कर्मचारी, फिर 9000 हाथी, 60000 सैनिकों से भरे रथ, एक लाख घुड़सवार सैनिक, असंख्य अयोध्यावासी, हजारों वेद पाठ करने वाले ब्राह्मण भी साथ थे।
अगर एक अयोध्या का राजा ही इतनी सेना का रख रखाव कर सकता था तो भारत गुलाम कैसे बना? विदेशी आक्रमणकारी हजारों किलोमीटर से अपनी छोटी सी सेना से सफल आक्रमण कैसे करके सफल हो जाते थे। और फिर सकुशल लोट भी जाते थे।









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